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खाद घोटाले पर फूटा किसानों का गुस्सा : कालाबाजारी के आरोपों के बीच प्रशासनिक जांच पर उठे सवाल, कलेक्टर तक पहुंची शिकायत

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खाद घोटाले पर फूटा किसानों का गुस्सा : कालाबाजारी के आरोपों के बीच प्रशासनिक जांच पर उठे सवाल, कलेक्टर तक पहुंची शिकायत
By - bhaskarbhoominews.com | 04 Jun 2026 02:55 PM
जिले के बसना क्षेत्र में खाद की कथित कालाबाजारी किसानों ने आरोप लगाया है कि शिकायतों और वीडियो साक्ष्यों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की है।
बसना। जिले के बसना क्षेत्र में खाद की कथित कालाबाजारी और किसानों से अधिक कीमत वसूलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्थानीय किसानों ने आरोप लगाया है कि शिकायतों और वीडियो साक्ष्यों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की है। इससे किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
किसानों का आरोप है कि बसना स्थित विजय कृषि सेवा केंद्र में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया खाद बेची जा रही थी। बताया जा रहा है कि 266 रुपये मूल्य की खाद किसानों को लगभग दोगुनी कीमत पर उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा किसानों पर अनावश्यक कृषि दवाइयां खरीदने का भी दबाव बनाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में वीडियो साक्ष्य भी सामने आए हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर नहीं हुई।
लाइसेंस और संचालन स्थल को लेकर भी सवाल
मामले में एक और गंभीर आरोप यह है कि जिस दुकान को बसना नगर क्षेत्र के लिए खाद विक्रय का लाइसेंस मिला है, उसका संचालन दूसरे गांव में किया जा रहा है। किसानों का दावा है कि यह उर्वरक नियंत्रण आदेश के नियमों का उल्लंघन है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


जांच प्रक्रिया पर किसानों ने जताई नाराजगी
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को नजरअंदाज किया गया। किसानों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं और कालाबाजारी से जुड़े तथ्यों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया, जिससे कार्रवाई की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
कलेक्टर तक पहुंची शिकायत
मामला बढ़ने के बाद किसानों ने जिला कलेक्टर से शिकायत कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों के अनुसार कलेक्टर ने संबंधित विभाग को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
किसानों की मांग – हो निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई
किसानों का कहना है कि खाद जैसी आवश्यक कृषि सामग्री की कालाबाजारी सीधे अन्नदाताओं को प्रभावित करती है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।
फिलहाल नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर
अब देखना होगा कि शिकायतों और आरोपों के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और किसानों को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कार्रवाई सामने आती है।

