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मतदान से 48 घंटे पहले बड़ा सियासी उलटफेर, TMC प्रत्याशी जहांगीर खान ने वापस लिया नाम

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मतदान से 48 घंटे पहले बड़ा सियासी उलटफेर, TMC प्रत्याशी जहांगीर खान ने वापस लिया नाम
By - bhaskarbhoominews.com | 19 May 2026 09:10 AM
पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में होने वाले पुनर्मतदान से ठीक 48 घंटे पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने मैदान छोड़ दिया है। उनके इस फैसले से हर कोई पूरी तरह हैरान है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच दक्षिण 24 परगना जिले की फलता सीट पर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है। आगामी 21 मई को फलता विधानसभा क्षेत्र में होने जा रहे पुनर्मतदान से महज 48 घंटे पहले तृणमूल कांग्रेसके आधिकारिक उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।
मंगलवार को उन्होंने अचानक अपना नाम वापस लेते हुए सबको हैरान कर दिया। जहांगीर खान ने इसके पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है, लेकिन मतदान से ऐन पहले सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार का इस तरह मैदान छोड़ना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
फलता के सभी 285 पोलिंग बूथों पर चुनाव आयोग ने दिया था दोबारा वोटिंग का आदेश
आपको बता दें कि फलता विधानसभा सीट पर इससे पहले दूसरे चरण के तहत 29 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ था। लेकिन वोटिंग के दौरान बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली, हिंसा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने की गंभीर शिकायतें सामने आई थीं।
विपक्ष के भारी विरोध और जमीनी रिपोर्ट के आधार पर भारत निर्वाचन आयोग ने सख्त एक्शन लेते हुए फलता क्षेत्र के सभी 285 पोलिंग बूथों पर हुए चुनाव को पूरी तरह से रद्द घोषित कर दिया था। आयोग ने निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए यहाँ 21 मई को दोबारा से मतदान कराने का आधिकारिक आदेश जारी किया था, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे थे।
कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत मिलने के अगले ही दिन लिया हैरान करने वाला फैसला
चुनावी प्रक्रिया के बीच जहांगीर खान के खिलाफ स्थानीय थानों में एक के बाद एक कई एफआईआर दर्ज की जा रही थीं। इन आपराधिक मामलों से खुद को बचाने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए जहांगीर ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सोमवार 18 मई को ही अदालत ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए पुलिस को निर्देश दिया था कि आगामी 24 मई तक उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक या दमनकारी कार्रवाई न की जाए। कोर्ट से इतनी बड़ी राहत मिलने के ठीक अगले ही दिन यानी मंगलवार को जहांगीर खान ने अचानक अपनी उम्मीदवारी वापस लेकर राजनीतिक विश्लेषकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।
'अजय पाल शर्मा सिंघम हैं तो मैं पुष्पा हूं'- सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था बयान
हाल ही में हुए मतदान के दौरान जहांगीर खान अपने एक विवादित और फिल्मी बयान को लेकर पूरे देश की मीडिया में सुर्खियों में छाए हुए थे। दरअसल, चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश कैडर के चर्चित और तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को फलता विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया था।
उनकी तैनाती से बौखलाए जहांगीर खान ने एक जनसभा में खुले मंच से उन्हें चुनौती दे डाली थी। जहांगीर ने कहा था, "यह बंगाल है, अगर वह सिंघम हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं और पुष्पा कभी झुकेगा नहीं।"

