राज्य महिला आयोग ने दुर्ग में की जनसुनवाई, 35 मामलों पर हुई सुनवाई

राज्य महिला आयोग ने दुर्ग में की जनसुनवाई, 35 मामलों पर हुई सुनवाई
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राज्य महिला आयोग ने दुर्ग में की जनसुनवाई, 35 मामलों पर हुई सुनवाई

कई मामलों में आपसी समझौते से निराकरण

दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज प्रेरणा सभा कक्ष, बालगृह परिसर (पांच बिल्डिंग), महिला एवं बाल विकास कार्यालय दुर्ग में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर जनसुनवाई आयोजित की गई। इस अवसर पर आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी एवं सह-प्रभारी श्रीमती लक्ष्मी वर्मा उपस्थित रहीं। यह जनसुनवाई प्रदेश स्तर पर आयोग की 358वीं तथा दुर्ग जिले की 13वीं जनसुनवाई थी, जिसमें कुल 35 प्रकरणों पर सुनवाई की गई।
सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका द्वारा अपने पिता के विरुद्ध चल रहे प्रकरण से बचाव हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित प्रकरण में न्यायालय द्वारा सजा दी जा चुकी है, जिससे प्रकरण न्यायालय में लंबित होने के कारण आयोग द्वारा नस्तीबद्ध किया गया। एक अन्य प्रकरण में उभय पक्षों द्वारा यह बताया गया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, अतः प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। भाई-बहन के बीच पुश्तैनी संपत्ति से संबंधित विवाद में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समाधान पर सहमति व्यक्त की। इंदिरा मार्केट स्थित लगभग 1000 वर्गफीट भूमि के तीनों हिस्सेदारों ने संपत्ति के विभाजन अथवा विक्रय के विकल्पों पर सहमति जताई, जिसके आधार पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
दो शासकीय शिक्षकों के मध्य पारिवारिक विवाद में आपसी समझौता होने पर सुलहनामा प्रस्तुत किया गया। दोनों पिछले छह माह से साथ रह रहे हैं तथा आवेदिका द्वारा प्रकरण वापस लेने की इच्छा व्यक्त किए जाने पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। इसी प्रकार, एक अन्य प्रकरण में पति-पत्नी के बीच समझौता होने की सूचना प्राप्त होने पर भी प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
एक प्रकरण में अनावेदकों की अनुपस्थिति के कारण सामाजिक बहिष्कार से संबंधित मामले की जांच महिला थाना प्रभारी दुर्ग को सौंपी गई। महिला थाना प्रभारी को एक माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। कुछ प्रकरणों में यह पाया गया कि धारा-9, भरण-पोषण एवं तलाक से संबंधित मामले न्यायालय में लंबित हैं, जिसके कारण आयोग द्वारा उन्हें नस्तीबद्ध किया गया। वहीं, कुछ मामलों में अनावेदकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु संबंधित थानों एवं जिला प्रशासन के माध्यम से नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए तथा आगामी सुनवाई फरवरी एवं मार्च 2026 में निर्धारित की गई। एक प्रकरण में आवेदिका द्वारा ओयो होटल के समीप खरीदी गई भूमि पर निर्माण में अवरोध एवं होटल में अवैध गतिविधियों की शिकायत की गई। इस संबंध में महिला थाना प्रभारी को होटल का औचक निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही एवं आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कर एक माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इस प्रकरण की आगामी सुनवाई रायपुर में होगी।
कुम्हार समाज की महिलाओं को भूमि आबंटन से संबंधित प्रस्ताव पर आयोग ने स्पष्ट किया कि यह विषय आयोग के कार्यक्षेत्र से बाहर है। आवेदिकाओं को छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड एवं संबंधित विभागों से संपर्क करने की समझाइश दी गई। जनसुनवाई के दौरान आवेदिकाओं को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा कई प्रकरणों में आदेश-शीट एवं नोट-शीट की प्रतियां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। 

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