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लाल किला हमले का साजिशकर्ता बेनकाब, इंटरपोल नोटिस की तैयारी तेज

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लाल किला हमले का साजिशकर्ता बेनकाब, इंटरपोल नोटिस की तैयारी तेज
By - Bhaskar Bhoomi | 26 Jan 2026 02:19 PM
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दिल्ली में पिछले साल 10 नवंबर को लाल किला के पास हुए भीषण धमाके के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस हमले से पूरे देश में हड़कंप मच गया था। अब इस साजिश के मास्टरमाइंड बताए जा रहे फरार आतंकी मुजफ्फर अहमद राथर के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुजफ्फर राथर ने इस आतंकी हमले में सह-साजिशकर्ता की भूमिका निभाई थी। आरोप है कि उसने अफगानिस्तान से हमले के लिए फंडिंग और रसद सहायता मुहैया कराई थी। धमाका लाल किला के पास एक कार के जरिए अंजाम दिया गया था और इसमें कई लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई घायल हुए थे।
NIA पहले ही कर चुकी है भगोड़ा घोषित
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने मुजफ्फर राथर को पहले ही भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, राथर ने डॉक्टर उमर उन नबी को वित्तीय मदद, संचार और साजिश रचने में अहम भूमिका निभाई थी।
अफगानिस्तान में छिपे होने की आशंका
अधिकारियों का मानना है कि भारत से फरार होने के बाद राथर विदेश से ही पूरे हमले की साजिश रच रहा था। उसकी मौजूदगी अफगानिस्तान में होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अब तक उसकी सटीक लोकेशन का पता नहीं चल सका है।
व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल का खुलासा
जांच में सामने आया कि राथर तथाकथित ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल का अहम हिस्सा था। पूछताछ में पता चला कि उसने आतंकियों के लिए करीब 6 लाख रुपये की फंडिंग की थी और हमले की पूरी रणनीति तैयार करने में शामिल रहा।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े तार
इस केस में फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम भी सामने आया है, जहां राथर, उमर और गनाई पढ़ाते थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री इकट्ठा की थी, जिसमें सैकड़ों किलो रसायन शामिल थे।

