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सशक्त नारी – सशक्त छत्तीसगढ़”: अंडा में महिला कमांडो का भव्य प्रेरणा सम्मेलन आयोजित

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सशक्त नारी – सशक्त छत्तीसगढ़”: अंडा में महिला कमांडो का भव्य प्रेरणा सम्मेलन आयोजित
By - Bhaskar Bhoomi | 21 Feb 2026 03:56 PM
सशक्त नारी – सशक्त छत्तीसगढ़”: अंडा में महिला कमांडो का भव्य प्रेरणा सम्मेलन आयोजित
अंडा। महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता को नई दिशा देने के उद्देश्य से थाना अंडा परिसर में 20 फरवरी 2026 को महिला कमांडो का भव्य सिविल डिफेंस प्रशिक्षण एवं प्रेरणा सम्मेलन आयोजित किया गया। यह आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणीशंकर चंद्रा के नेतृत्व तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अनुप लकड़ा (पाटन) एवं डॉ. चित्रा वर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
सम्मेलन में दुर्ग जिले सहित लगभग 40 गांवों की महिला कमांडो ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। थाना अंडा, थाना पुलगांव, चौकी अंजोरा, नगपुरा, जेवरासिरसा, थाना बोरी तथा चौकी लिटिया-सेमरिया क्षेत्र की करीब 500 महिला कमांडो की प्रभावशाली उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अब सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मरक्षा, आपदा प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा और नशा मुक्ति अभियान के प्रति प्रशिक्षित एवं जागरूक करना था। पद्मश्री शमशाद बेगम (सामाजिक कार्यकर्ता एवं महिला कमांडो की संस्थापिका) ने महिला कमांडो की स्थापना के उद्देश्य, संगठन की कार्यप्रणाली और समाज में उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिला कमांडो केवल सुरक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की मजबूत कड़ी हैं।
महिला कमांडो के सचिव रसीद खान ने संगठन की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने गांवों में नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं संगठित होकर कार्य करती हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव निश्चित रूप से आता है।
प्रशिक्षण सत्र में जिला सेनानी श्री नागेंद्र सिंह एवं एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप और आगजनी के दौरान बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। टीम द्वारा प्राथमिक उपचार, आपदा के समय त्वरित निर्णय और राहत कार्यों की व्यावहारिक तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया। इससे उपस्थित महिलाओं में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का आत्मविश्वास बढ़ा।
सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ नशा मुक्ति अभियान पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि नशा समाज की जड़ को कमजोर करता है और इसे समाप्त करने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि महिलाएं ठान लें तो गांव-गांव में नशा मुक्त वातावरण बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी महिला कमांडो ने सामूहिक रूप से “सशक्त नारी – सशक्त छत्तीसगढ़” तथा “नशा मुक्त समाज – सुरक्षित समाज” का संकल्प लिया। पूरे आयोजन ने यह साबित किया कि दुर्ग जिले की महिलाएं अब केवल दर्शक नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन की अग्रदूत बन चुकी हैं। यह सम्मेलन महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।

