माओवादियों का मुख्यालय कैसे बन गया बस्तर, आखिर कैसे तेलंगाना का विकल्प बनकर उभरा छत्तीसगढ़ का यह जिला

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माओवादियों का मुख्यालय कैसे बन गया बस्तर, आखिर कैसे तेलंगाना का विकल्प बनकर उभरा छत्तीसगढ़ का यह जिला

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1980 के दशक में कोंडापल्ली सीतारमैया के नेतृत्व में भाकपा पीपुल्स वार ग्रुप ने दंडकारण्य, विशेषकर बस्तर को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करना शुरू किया।कोंडापल्ली के नेतृत्व में विस्तार का शुरू हुआ काम जनताना सरकार से जनयुद्ध का केंद्र बना बस्तर बस्तर को एक वैकल्पिक ‘बेस एरिया’ के रूप में चुना

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