विकास के दावों पर सवाल: रीवा में ग्रामीणों ने लकड़ी-रस्सी से बनाया पुल, जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रहे बच्चे

विकास के दावों पर सवाल: रीवा में ग्रामीणों ने लकड़ी-रस्सी से बनाया पुल, जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रहे बच्चे
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विकास के दावों पर सवाल: रीवा में ग्रामीणों ने लकड़ी-रस्सी से बनाया पुल, जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रहे बच्चे

रीवा जिले की ग्राम पंचायत रौली में पक्के पुल की मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने श्रमदान कर लकड़ियों का अस्थायी पुल बनाया। अब पूरा गांव इसी पुल के सहारे नदी पार कर रहा है।

मध्य प्रदेश के रीवा जिले से विकास कार्यों की हकीकत दिखाने वाली एक तस्वीर सामने आई है। ग्राम पंचायत रौली में नदी पर पक्का पुल नहीं बनने से परेशान ग्रामीणों ने अपने स्तर पर लकड़ियां जोड़कर अस्थायी पुल तैयार कर लिया। अब गांव के बच्चे, महिलाएं, किसान और बुजुर्ग इसी पुल के सहारे रोजाना नदी पार करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में यह रास्ता और भी जोखिम भरा हो गया है।

रीवा जिले की ग्राम पंचायत रौली में नदी पर पक्का पुल नहीं बनने से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। वर्षों से पुल निर्माण की मांग के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो गांव के लोगों ने श्रमदान कर लकड़ियों का अस्थायी पुल तैयार कर लिया।

यह पुल अब गांव की जीवनरेखा बन गया है। स्कूली बच्चे पढ़ाई के लिए, किसान खेतों तक पहुंचने के लिए और ग्रामीण इलाज व अन्य जरूरी कार्यों के लिए इसी पुल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बरसात में बढ़ जाता है खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से लकड़ियों का यह पुल बेहद खतरनाक हो जाता है। बावजूद इसके लोगों के पास आवागमन का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। ऐसे में हर दिन दुर्घटना का डर बना रहता है।

वर्षों से उठ रही है पुल निर्माण की मांग
स्थानीय निवासी राजेश साकेत के अनुसार, गांव के लोग कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पक्का पुल बनाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। मजबूरी में ग्रामीणों ने खुद ही अस्थायी व्यवस्था कर ली। उन्होंने बताया कि इसी पुल के सहारे बच्चे स्कूल जाते हैं और गांव की रोजमर्रा की गतिविधियां संचालित होती हैं।

ग्रामीणों ने जताई हादसे की आशंका
ग्रामीण रामबाबू कोल का कहना है कि बरसात के दौरान इस पुल से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। नदी में पानी बढ़ने पर हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द स्थायी पुल नहीं बना तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

प्रशासन से की स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द नदी पर पक्का पुल निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गांव के लोगों को आज भी संघर्ष करना पड़ रहा है। समय रहते समाधान नहीं हुआ तो लोगों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा बना रहेगा।

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