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फर्जी पुलिस बनकर कर रहे थे वसूली, एलएलबी छात्र और HR कर्मचारी गिरफ्तार; नकली पिस्टल भी बरामद

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फर्जी पुलिस बनकर कर रहे थे वसूली, एलएलबी छात्र और HR कर्मचारी गिरफ्तार; नकली पिस्टल भी बरामद
By - bhaskarbhoominews.com | 01 Aug 2026 09:22 PM
शाहपुरा में पुलिस बनकर वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली कर रहे दो युवकों को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपियों में एक एलएलबी छात्र और दूसरा निजी कंपनी का एचआर कर्मचारी है।
भोपाल: शाहपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस बनकर वाहन चालकों से अवैध वसूली करने वाले दो युवकों को लोगों की सतर्कता से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों में एक एलएलबी का छात्र है, जबकि दूसरा निजी आईटी कंपनी में एचआर कर्मचारी है। दोनों सिविल ड्रेस में वाहन चेकिंग के नाम पर लोगों से रुपये वसूल रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक नकली पिस्टल भी बरामद की है। पुलिसकर्मी बताकर लोगों पर दबाव
पुलिस के अनुसार, दोनों युवक शाहपुरा चौराहे पर वाहन चालकों को रोककर हेलमेट नहीं पहनने और यातायात नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए मौके पर ही रुपये मांग रहे थे। वे खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों पर दबाव बना रहे थे, लेकिन किसी भी वाहन चालक का वैधानिक चालान नहीं काट रहे थे।
कोहेफिजा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बताया
राहगीरों को दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उन्होंने उनसे पूछताछ शुरू की। इस दौरान एक आरोपी ने खुद को कोहेफिजा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बताया। यह सुनकर लोगों का शक और बढ़ गया, क्योंकि कोहेफिजा थाने का पुलिसकर्मी शाहपुरा क्षेत्र में इस तरह अकेले वाहन चेकिंग नहीं कर सकता था। लोगों ने तुरंत दोनों का वीडियो बनाना शुरू किया। जब आरोपी वहां से भागने लगे तो राहगीरों ने उन्हें पकड़ लिया और शाहपुरा पुलिस के हवाले कर दिया।
एक नकली पिस्टल बरामद
शाहपुरा थाना ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमान खान और कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। पूछताछ में अमान खान ने बताया कि वह एमपी नगर स्थित एक आईटी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत है, जबकि कार्तिक मिश्रा एलएलबी का छात्र है। तलाशी के दौरान अमान खान की कमर से एक नकली पिस्टल बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ फर्जी पुलिसकर्मी बनकर अवैध वसूली करने और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि यह उनकी पहली ऐसी वारदात थी, लेकिन पुलिस इस दावे की जांच कर रही है।
पहले भी झांसा देकर वसूली
पुलिस को आशंका है कि दोनों पहले भी इसी तरह लोगों को झांसा देकर वसूली कर चुके हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आरोपियों की कॉल डिटेल और आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या उन्होंने पहले भी वाहन चालकों या अन्य लोगों से इसी तरह अवैध वसूली की है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति पुलिसकर्मी बनकर पहचान बताए तो उसका पहचान पत्र जरूर देखें और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

